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प्रसन्नता

🤔 खुशी, प्रसन्नता, स्वास्थ्य: 1. आंतरिक शांति। 2. दूसरों की मदद करने और समर्थन करने से संतुष्टि प्राप्त करना। संबंधों। 12R.tv❌✅ मैं आपको, स्वयं और अन्य लोगों को शुभकामना देता हूं कि अगले वर्ष के अंत में, हम में से प्रत्येक कह सके: “2022 मेरे जीवन का सबसे अच्छा वर्ष था 🙂👍”। Marcin Ellwart

प्रसन्नता

एक भावना

प्रसन्नता मानवों में पाई जाने वाली भावनाओं में सबसे सकारात्मक भावना है। इसके होने के विभिन्न कारण हो सकते हैं:

  • अपनी इच्छाओं की पूर्ति से संतुष्ट होना।
  • अपने दिन-रात के जीवन की गतिविधियों को अपनी इच्छाओं के अनुकूल पाना।
  • किसी अचानक लाभ से लाभांवित होना।
  • किसी जटिल समस्या का समाधान प्राप्त होना।
  • दिन के कार्य के बाद परिजनों या दोस्तों की संगत।
  • किसी परिजन या मित्र की कामियाबी।
  • किसी मनोरंजक कार्यक्रम को दिलचस्प या मनमोहक पाना।

इन कारणों के अलावा भी कुछ लोग स्वभाव से हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करते हैं और जीवन की हर चुनौती को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हैं। हँसी और मुस्कुराहट खुशिया के लक्षण हैं। इसी को खुशी भी कहते हैं।

बुद्धिजीवियों की राय है कि कोई भी उन आतंरिक कारकों जैसे आत्मविश्वास, ध्यान, केंद्रित होना और संतुष्टि को आसानी जगा सकता है जो प्रसन्नता के लिए आवश्यक है। यही वह तत्व हैं जो कि संपूर्ण प्रसन्नता को जगा सकेगेंगे और यह मानव क्षमता और दूसरे मनुष्यों की मदद की भावना को भी जगा सकते हैं।[1]

Wikipedia.org:

https://hi.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A4%BE

मास्लो पिरामिड

मनोवैज्ञानिक सिद्धांत

मास्लो पिरामिड या मास्लो का आवश्यकता पदानुक्रम (hierarchy of needs) अब्राहम मास्लो द्वारा प्रतिपादित एक मनोवैज्ञानिक सिद्धान्त है जो उन्होने ‘ए थिअरी ऑफ ह्यूमन मोटिवेशन’ नामक अपने ग्रन्थ में १९५४ (1954)में प्रस्तुत किया था। मैसलो वह प्रथम मनोवैज्ञानिक है, जिसने “आत्मसिद्धि” प्रत्यय का अध्ययन किया। सिद्धान्त न केवल मनोविज्ञान के क्षेत्र में, बल्कि विज्ञापन के क्षेत्र में भी प्रसिद्ध हुआ। मनुष्य की आवश्यकताएं असीमित हैं अपने इस सिद्धान्त में मास्लो ने मानव आवश्यकताओं के कई स्तर बताये जो ये हैं- 1 व्यक्तिगत आवश्यकता:-A दैहिक आवश्यकता , B सुरक्षा आवश्यकता । 2 सामाजिक आवश्यकता:-A समबद्धता एवं स्नेह की आवश्यकता, B सम्मान की आवश्यकता । 3 बौद्धिक आवश्यकता:-A आत्मसिद्धि की आवश्यकता । (उपर्युक्त 1 को निम्न स्तरीय, व 2,3 को उच्च स्तरीय आवश्यकता भी कहते हैं।)

उन्‍होंने कहा कि मानव का अभिप्रेरण (मोटिवेशन) इसी क्रम में गति करता है। अर्थात मूलभूत आवश्यकताओं के पूरा होने पर ही उच्चस्तरीय आवश्यकताएँ जन्म लेतीं हैं।

मास्लो का सिद्धान्त उनकी १९५४ में रचित पुस्तक ‘मोटिवेशन एण्ड पर्सनालिटी’ में अपने पूर्ण रूप में सामने आया। यद्यपि यह आवश्यकताओं का यह पदानुक्रम अब भी समाजशास्त्रीय अनुसंधान, प्रबन्धकीय प्रशिक्षण आदि में बहुत महत्व रखता है, फिर भी बहुत सीमा तक इसका स्थान स्नेह सिद्धान्त (attachment theory) ने ले लिया है।

https://hi.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%8B_%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A1

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हिन्दी

भारतीय भाषा

हिन्दी जिसके मानकीकृत रूप को मानक हिंदी कहा जाता है, विश्व की एक प्रमुख भाषा है एवं भारत की एक राजभाषा है। केन्द्रीय स्तर पर भारत में दूसरी आधिकारिक भाषा अंग्रेज़ी है। यह हिंदुस्तानी भाषा की एक मानकीकृत रूप है जिसमें संस्कृत के तत्सम तथा तद्भव शब्दों का प्रयोग अधिक है और अरबी-फ़ारसी शब्द कम हैं। हिंदी संवैधानिक रूप से भारत की राजभाषा और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है क्योंकि भारत के संविधान में किसी भी भाषा को ऐसा दर्जा नहीं दिया गया है।[3][4] एथनोलॉग के अनुसार हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।[5] विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है।[6]

https://hi.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80

भारत

विश्व का सबसे बड़ा संघीय गणतन्त्र

भारत (आधिकारिक नाम: भारत गणराज्य, अंग्रेज़ी: Republic of India) दक्षिण एशिया में स्थित भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा देश है। भारत भौगोलिक दृष्टि से विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है, जबकि जनसंख्या के दृष्टिकोण से चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान, पूर्व में बांग्लादेश और म्यान्मार स्थित हैं। हिन्द महासागर में इसके दक्षिण पश्चिम में मालदीव, दक्षिण में श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व में इंडोनेशिया से भारत की सामुद्रिक सीमा लगती है। इसके उत्तर में हिमालय पर्वत तथा दक्षिण में हिन्द महासागर स्थित है। दक्षिण-पूर्व में बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम में अरब सागर है।

https://hi.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4

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